17.7.17

गर्भ निरोधक आयुर्वेदिक उपाय // Anti-contraceptive Ayurvedic remedies


    वैसे तो गर्भनिरोधकों के तमाम विकल्प बाजार में मौजूद हैं लेकिन अगर आप इनके केमिकल या साइड एफेक्ट से दूरी रखना चाहते हैं या फिर इन प्रचलित तरीकों में यकीन नहीं रखते हैं तो आयुर्वेद में आपके लिए कु‌छ घरेलू उपाय भी हैं।
आयुर्वेद पर यकीन रखते हैं तो इन उपायों का गर्भनिरोधक के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे तो इनके साइड एफेक्ट नहीं है लेकिन इनका इस्तेमाल आप किसी अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर के परामर्श से करें तो प्राकृतिक और सुरक्षित तौर पर गर्भनिरोध और बेफिक्र सेक्स लाइफ आसान हो सकेगी।
सेंधा नमक
त‌िल के तेल में सेंधा नमक का टुकड़ा डुबोएं और सेक्स के बाद इसे महिलाएं अपने प्राइवेट पार्ट पर कम से कम दो मिनट तक रखें।
इससे वीर्य गर्भाशय में पहुंचते ही नष्ट हो जाएगा। महिलाएं सेक्स के बाद प्राइवेट पार्ट को गुनगुने पानी और सेंधा नमक से भी साफ कर सकती हैं। इससे भी गर्भ नहीं ठहरेगा।
गुड़हल का फूल
गुड़हल के फूल का पेस्ट बनाएं इसमें स्टार्च मिलाएं। पीरियड्स के शुरुआती तीन दिनों तक इसका सेवन कंट्रासेप्टिव की तरह ही काम करेगा।
पुदीने के पत्ते
सूखे पुदीने के पत्ते का पाउडर बनाएं और स्टोर कर लें। सेक्स के पांच मिनट के बाद एक ग्लास गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच पाउडर का सेवन करें। महिलाओं के लिए यह नैचुरल कंट्रासेप्टिव दवा का काम करेगा।
अरंडी के बीज
कैस्टर यानी अरंडी के बीज को फोड़ें और इनमें मौजूद सफेद बीज को निकालें। सेक्स के 72 घंटे के भीतर महिलाएं इसका सेवन करें तो यह आई-पिल की तरह ही गर्भधारण रोक सकता है।
महिलाएं इसका सेवन पीरियड्स के तीन दिनों तक करें तो एक महीने तक इसका प्रभाव रहेगा।
आंवला चूर्ण
आंवला, रसनजनम और हरितकारी को समान मात्रा में लेकर इनका पाउडर बनाएं और स्टोर करें। ये औषध‌ियां क‌िसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर म‌िल जाएंगी।
महिलाएं इनका सेवन पीरियड्स के चौथे दिन से 16वें दिन तक करें तो यह गर्भनिरोधक गोलियों की तरह ही असरदार होता है।
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